सौंदर्य की अपरिभाषित परिभाषा 
बस और क्या ही कहें  …..
हे ए॰सी॰ के आविष्कारकर्ता, तुमको कोटिश: प्रणाम !तुमने भीषण गरमी के प्रकोप से बचाव तथा मानव कल्याण हेतु यह जो उपकरण बनाया, उसी के प्रताप से अलबेली को दिल्ली में बैठे स्वर्गानुभूति प्राप्त हुई।
 बात कीजिए, बताइए, बोलिए ....अपने अलबेलेपन को सम्भालिए, सींचिए !
 बस देवी कह कर पूजने का ढोंग मत करना...— thinking about देवी पूजन.